
जय हिंदू राष्ट्र कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, बोल बम, हर-हर महादेव, से गूंजा खंडवा।

शहर के प्रमुख मार्गों पर पुष्पवर्षा कर हुआ कांवड़ियों का स्वागत, जगह-जगह तैनात रहा पुलिस बल।
महादेवगढ़ मंदिर में 51000 लीटर नर्मदा जल से हुआ भोले बाबा का अभिषेक।
खंडवा। प्रतिवर्ष तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर से दादाजी की नगरी खंडवा तक कावड़ यात्रा जय हिंदू राष्ट्र मंच द्वारा निकाली जाती है इस वर्ष भी श्रवण के इस पवित्र मास में धार्मिक नगरी खंडवा में सोमवार को ‘जय हिंदू राष्ट्र कांवड़ यात्रा’ शाम को महादेवगढ़ पहुंची। ओंकारेश्वर से लेकर खंडवा तक पूरे यात्रा मार्ग पर कावड़ यात्रा का भव्य एवं गरिमामय पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महादेवगढ़ मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल के मार्गदर्शन एवं यात्रा संयोजक चाहत तोमर,संकेत जोशी, विशाल पासी, मोनू गौड़, देवांशु सोनी,नितेश राठौर, मनीष पालीवाल, आशुतोष सोनी, टोनू कठोर, ललित खराले,शुभम पटेल, कुश पालीवाल,आकाश पटेल, गोलू सिसोदिया कांवड़ यात्रा के साथ चल रहे थे। शहर में प्रवेश करते ही वातावरण भोले की भक्ति और हनुमान चालीसा के पाठ से भक्तिमय हो गया। आठ साउंड की गाड़ियों पर सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ ही चल रहा था। सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक कांवड़ियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे। पूरा शहर बोल बम ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ वीर बजरंगी के जयघोष से गूंज उठा। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का जनसैलाब नजर आया।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कांवड़ यात्रा अपने निर्धारित मार्ग इंदौर नाके से जहां पंडित अश्विन खेड़े द्वारा पंडित प्रेम नारायण पिपलोनिया, अशोक पालीवाल, अखिलेश गुप्ता से कावड़ एवं भगवा शक्ति पताका का पूजन करवा कर श्रीफल भेंट कर कावड़ यात्रा आगे बढ़ते हुए शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों से गुजरी। यात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह स्वागत मंच और द्वार बनाए थे। कांवड़ियों के पहुंचते ही उन पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय अभिनंदन किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए फलाहार, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था भी की गई। शाम को कावड़ यात्रा महादेवगढ़ मंदिर पहुंची जहां सभी कावडियों ने 1 लीटर से लेकर 51,101,151,201,
251,501, लीटर की कावड के माध्यम से 51000 लीटर नर्मदा जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त हाथों में कांवड़, भगवा ध्वज और धार्मिक पताकाएं लेकर शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। कावड़ यात्रा यात्रा में महादेवगढ़ मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल के पुत्र सोमेश्वर पालीवाल भी ओंकारेश्वर से खंडवा तक कावड़ यात्रा में पैदल शामिल हुए। कई स्थानों पर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। कांवड़ियों के उत्साह और शहरवासियों की सहभागिता ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यात्रा के पूरे मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
यात्रा के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने लगातार मार्ग की निगरानी की तथा भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस की मुस्तैदी के चलते यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई।
धार्मिक एकता का दिखा स्वरूप
कांवड़ यात्रा के स्वागत में शहरवासियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने अपने-अपने स्तर पर कांवड़ियों का स्वागत किया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में नागरिक यात्रा के दौरान मौजूद रहे। जगह-जगह लगाए गए स्वागत मंचों से पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया।
महादेवगढ़ मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। उन्होंने यात्रा के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी हजारों कावड़िया, पुलिस-प्रशासन, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।










